मध्य प्रदेश

Webinar : आत्मनिर्भर एमपी के रोडमैप में स्वास्थ्य और शिक्षा पर ये आए सुझाव

भोपाल. आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का रोडमैप बनाने के लिए आयोजित हो रही वेबिनार (Webinar) सीरीज के तीसरे दिन स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर मंथन किया गया. वेबिनार सीरीज के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के (PM Narendra Modi) “आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत” के सपने को पूरा करने के लिए “आत्मनिर्भर स्वस्थ मध्य प्रदेश” की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है. स्वास्थ्य एवं शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं. इन विषयों पर आज आयोजित वेबिनार में आए सुझावों के आधार पर जो ‘गोल’ निर्धारित किए गए हैं, उन्हें हासिल करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे. मध्य प्रदेश में “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज” हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा और “यूनिवर्सल इम्यूनाईजेशन” हर बच्चे का टीकाकरण के लक्ष्य को जल्द पूरा कर लिया जाएगा. वेबिनार के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जिस समय शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला, उस समय कोरोना संकट के चलते विकट स्थिति थी. महामारी का प्रदेश में प्रसार हो रहा था और उससे लड़ने की व्यवस्थाएं नहीं थीं. लेकिन सरकार ने कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाया. कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी वे अस्पताल से निरंतर मॉनीटरिंग करते रहे, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं.

ये लक्ष्य हुए तय

स्वास्थ्य सेवाओं के 8 गोल

1. हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच2. मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया जाना और लाइफ एक्सपेक्टेंसी को बढ़ाना
3. स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत और सुदृढ़ करना
4. स्वास्थ्य संस्थानों का सम्मिलन (कन्वजैन्स)
5. हेल्थ मैनेजमेंट इर्न्फोमेशन सिस्टम (HMIS) और “इलैक्ट्रोनिक हेल्थ रिकार्ड” को बढ़ावा देना
6. स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पैरामेडिकल स्टाफ की गुणवत्ता बढ़ाना
7. स्वास्थ्य सेवाओं में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अच्छा वातावरण निर्माण

8. बीमारियों से बचाव और जल्दी पहचान पर जोर

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के 7 गोल

1. “ग्रौस एनरोलमेंट रेश्यो” को 4.5 प्रतिशत तक बढ़ाना
2. तकनीकी संस्थानों में “प्लेसमेंट रेट” बढ़ाना
3. शिक्षकों की नियमित भर्ती एवं कैडर प्रबंधन
4. प्रशिक्षण के लिए तकनीक का प्रयोग और तकनीक आधारित मूल्यांकन
5. उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार उनकी सहभागिता तथा पाठ्यक्रम
6. आवश्यक उपकरणों और प्रयोगशालाओं सहित महाविद्यालयों के “फ्यूचरिस्टिक कैम्पस”
7. वर्ष 2021 तक उद्यमिता गतिविधियों को बढ़ाना, स्टार्टअप्स को ग्रांट दिलाना तथा “इन्क्यूबेशन सेंटर्स” की गतिविधियों को बढ़ावा देना

उच्च शिक्षा के 5 गोल

1. “ग्रौस एनरोलमेंट रेश्यो” को 25 प्रतिशत तक बढ़ाए जाना
2. “जेंडर पैरिटी इंडेक्स” (लिंग अनुपात सूचकांक) को 01 तक बढ़ाना
3. कॉलेजों में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं वेबसाइट पाठ्यक्रमों के लिए उद्योगों के साथ सहभागिता
4. शोध, अनुसंधान एवं रोजगारमूलकता बढ़ाने के प्रयास
5. महाविद्यालयों की रैकिंग तथा अधिमान्यता

स्कूल शिक्षा के 3 गोल

1. देश में मध्य प्रदेश के लिए टॉप 10 एवं टॉप 05 स्थान
2. “अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी मूल्यांकन” कार्यक्रम में भाग लेना
3. बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार. कक्षा दसवीं के परिणामों में 64 प्रतिशत से 74 प्रतिशत तक सुधार तथा कक्षा बारहवीं के परिणामों में 71 प्रतिशत से 77 प्रतिशत तक सुधार.

स्वास्थ्य के महत्त्वपूर्ण बिन्दु

· चार समूहों में 81 विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया
· स्वास्थ के क्षेत्र में आठ लक्ष्य निर्धारित
· यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, आईएमआर तथा एमएमआर में सुधार, स्वास्थ्य सु‍विधाओं का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य संस्थाओं में परस्पर समन्वय, आईटी के उपयोग को बढ़ाना, मेडिकल स्टाफ की क्षमतावृद्धि, शोध को प्रोत्साहन तथा बीमारी से बचाव को प्राथमिकता के लक्ष्य तय
· प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता
· राज्य बजट का आठ प्रतिशत स्वास्थ्य पर व्यय
· लोगों को इलाज के लिए राज्य के बाहर न जाना पड़े इसके लिए शहरों में “सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस” तथा जिला अस्पतालों के विकास की योजना.
· चिकित्सा शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को मर्ज करने का सुझाव
· भोपाल व इन्दौर में “आयुष सुपर स्पेशलिटी अस्पताल” विकसित होंगे.
· प्रदेश में मेडिकल उपकरण निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए “बायो मेडिकल पार्क”.
· चिकित्सा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन

कौशल उन्नयन के महत्त्वपूर्ण बिन्दु

· उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार कोर्स विकसित हों.
· तकनीकी संस्थाओं से प्रशिक्षितों की प्लेसमेंट के लिए रणनीति.
· प्रशिक्षण तथा शोध के लिए विशेष पहल.
· प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम
· प्रतिष्ठित संस्थान तथा विश्वविद्यालय होंगे “नॉलेज पार्टनर” और “मैंन्टर”
· कृषि के क्षेत्र में नए व्यावहारिक पाठयक्रम
· भोपाल में बन रहे “ग्लोबल स्किल पार्क” का उपयोग.

उच्च शिक्षा के महत्त्वपूर्ण बिन्दु

· उच्च शिक्षा में निजी क्षेत्र की संस्थाओं को प्रोत्साहन
· वर्चुअल तथा स्मार्ट क्लासेस की व्यवस्था.
· चयनित कॉलेजों का “क्वालिटी लर्निंग सेन्टर” के रूप में विकास
· संस्थाओं को कार्यात्मक स्वायत्ता
· “डिस्टेंस लर्निंग” को प्रोत्साहन
· “एम.पी. नॉलेज कॉरपोर्रेशन” की स्थापना

स्कूल शिक्षा के प्रमुख बिन्दु

· दस हजार स्कूल होंगे रिसोर्स रिच जिन्हें “सीएम राइज स्कूल” कहा जाएगा
· भाषा तथा गणित शिक्षा में सुधार के लिए “मिशन अंकुर”
· डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन
· थर्ड पार्टी मूल्यांकन की व्यवस्था
· शिक्षक प्रशिक्षण पर होगा फोकस
· स्कूली बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग
· निजी स्कूलों को कम्पनीज एक्ट के तहत लाने की सिफारिश




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