मध्य प्रदेश

Success Story: आंखों से देख नहीं सकती, फ‍िर भी 12वीं में 94.4% लाकर बनी म‍िसाल

उसने अपनी 75% दृष्टि खो दी, उसके पिता ने अपना एकमात्र व्यवसाय खो दिया, उसके दो भाइयों ने वित्तीय बाधाओं के कारण पढ़ाई बंद कर दी, लेकिन उसने अपने सपने को पूरा करने के लिए उम्मीद नहीं खोई. वह सतना की कीर्ति कुशवाहा हैं, जिन्होंने 12वीं कक्षा की परीक्षा में कॉमर्स स्ट्रीम में 8वीं रैंक हासिल की, जिसका परिणाम मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) ने सोमवार दोपहर घोषित किया है. कीर्त‍ि ने 94.4% अंक हासिल किए यानी 500 में से 472 अंक.

कीर्त‍ि के स्कूल प्रियंवदा बिड़ला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सतना के प्रिंसिपल ने कहा क‍ि 17 वर्षीय कीर्ति ने दृढ़ संकल्प के साथ सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अब वह अपने पूरे परिवार और स्कूल के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं.

कीर्ति की मां रश्मि कुशवाहा ने कहा क‍ि कीर्ति के जन्म के बाद से 50% दृष्टि नहीं है और उसने धीरे-धीरे दूसरी आंख में 25% दृष्टि खो दी. लेकिन उसने सामान्य छात्रों के लिए एक स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखी. दो साल पहले, उसके पिता कवि शंकर कुशवाहा एक दुर्घटना के कारण अपने छोटे से टेंट हाउस के व्यवसाय को खो दिया.

ट्यूशन पढ़ाकर न‍िकाला अपना खर्च: कीर्त‍ि की मां ने कहा क‍ि एक वक्‍त ऐसा भी आया जब हमारे पास अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के ल‍िये भी पैसे की कमी होने लगी. हमारे लिए स्कूल की फीस भरना और पढ़ाई का अन्य खर्च वहन करना असंभव हो गया था. कीर्त‍ि के दोनों भाईयों ने अपनी पढ़ाई इसी वजह से छोड़ दी. लेक‍िन कीर्त‍ि ने पढ़ाई छोड़ने से इंकार कर द‍िया.

कीर्त‍ि ने आस-पड़़ोस के बच्‍चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर द‍िया. वह 8वीं कक्षा तक के छात्रों को ट्यूशन पढ़ाती है. कीर्त‍ि मेधावी है, इसल‍िये माता-प‍िता ने उस पर यकीन करना शुरू कर द‍िया और उसके पास अपने बच्‍चों को पढ़ने के ल‍िये भेजने लगे. उसने ट्यूशन के पैसों से अपनी पढ़ाई भी जारी रखी.

ब‍िजली के ब‍िना की पढ़ाई:
यहां तक पहुंचने का रास्‍ता कीर्त‍ि के ल‍िये आसान नहीं था. डॉक्‍टर ने यह स्‍पष्‍ट कहा था क‍ि कीर्त‍ि खराब रौशनी में पढ़ाई ना करें. क्‍योंक‍ि इससे उनकी बची रौशनी भी जा सकती है. लेक‍िन बि‍जली ब‍िल जमा नहीं होने के कारण, कीर्त‍ि के घर की ब‍िजली काट दी गई. ब‍िजली, प‍िछले साल जुलाई में काटी गई थी. अब कीर्त‍ि के घर में ब‍िजली तो आती है, लेकिन वह ड‍िम ही रहती है. कीर्त‍ि ने इसका रास्‍ता भी न‍िकाल ल‍िया था. सुबह के 6 बजे से शाम के 6 बजे तक पढ़ती थी.

मां को क‍िया प्रेर‍ित:
कीर्ति‍ ने अपनी मां को प्रेर‍ित क‍िया. कीर्त‍ि की मां रश्‍म‍ि का कहना है क‍ि कीर्त‍ि को मेहनत करता देख उन्‍हें यह प्रेरणा म‍िली क‍ि वह भी घर बैठे कुछ कमाई कर सकती हैं. उन्‍होंने घर में स‍िलाई का काम शुरू कर द‍िया और हर महीने 1500 से 2000 रुपये कमाने लगी.

कीर्त‍ि ने कहा क‍ि उनकी मां और श‍िक्षकों ने उनका हर कदम साथ द‍िया. मैं ये उम्‍मीद कर रही थी क‍ि मुझे अच्‍छे अंक म‍िलेंगे लेक‍िन मेरा नाम मेर‍िट ल‍िस्‍ट में आएगा, यह पता नहीं था.




Source link

Tags

Related Articles

Back to top button
Close