मध्य प्रदेश

MPBSE MP board 12th result 2020: पिछले साल से कई मायनों में खराब रहा इस बार का रिजल्ट, जानें पूरी डिटेल

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MPBSE MP board 12th result 2020: पिछले साल से कई मायनों में खराब रहा इस बार का रिजल्ट, जानें पूरी डिटेल

पिछले साल की तुलना में इस साल का रिजल्ट कई मायनों में खराब रहा है.

MPBSE MP board 12th result 2020: पिछले साल की तरह इस साल भी लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में बेहतर रहा था लेकिन पिछले साल के लड़कियों के कुल रिजल्ट से अगर इसकी तुलना करें तो हम पाएंगे कि यह काफी कम रहा है.

भोपाल. एमपी बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट (MP Board 12th Result 2020) जारी कर दिया है. मंदसौर की प्रिया और रिंकू बाथरा ने टॉप किया है. कोरोना वायरस के कारण इस साल रिजल्ट आने में देरी हुई है. हालांकि, इस साल का 12वीं का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में खराब रहा. इस साल कुल रिजल्ट 68.81 फीसदी रहा जबकि पिछले साल का रिजल्ट 72.37 फीसदी रहा था. इस तरह से देखा जाए तो पिछले साल की तुलना में इस साल का रिजल्ट 3.56 फीसदी कम है.


लड़कियों के पास प्रतिशत में भी आई गिरावट

हालांकि, पिछले साल की तरह इस साल भी लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में बेहतर रहा था लेकिन पिछले साल के लड़कियों के कुल रिजल्ट से अगर इसकी तुलना करें तो हम पाएंगे कि यह काफी कम रहा है. इस साल लड़कियों का पास प्रतिशत 73.40 फीसदी रहा जो कि पिछले साल की तुलना में 2.91 फीसदी कम रहा. हालांकि, इस साल की टॉपर्स लड़कियां ही हैं. यहां तक कि आर्ट्स स्ट्रीम में टॉप-5 स्थान पर लड़कियां ही हैं.मध्य प्रदेश बोर्ड से जुड़ी जानकारी सबसे पहले पाने के लिए यहां रजिस्टर करें-

लड़कों के मामले में भी रहा खराब रिजल्ट
वहीं छात्रों के मामले में भी देखा जाए तो इस साल का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में खराब रहा. इस साल छात्रों का कुल पास प्रतिशत 64.66 रहा जो कि पिछले साल की तुलना में 4.28 फीसदी कम है.

शासकीय विद्यालयों का रिजल्ट भी रहा कम
पिछले साल की तुलना में इस साल शासकीय विद्यालयों का रिजल्ट भी कम रहा. इस साल शासकीय विद्यालयों का रिजल्ट 71.43 फीसदी रहा जो कि पिछले साल की तुलना में 2.91 फीसदी कम रहा.

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निजी स्कूलों का रिजल्ट भी रहा कम
वहीं निजी स्कूलों की स्थिति और भी शासकीय स्कूलों की तुलना में ज्यादा खराब रही. शासकीय स्कूलों का कुल रिजल्ट इस साल 71.43 फीसदी रहा जबकि निजी स्कूलों का रिजल्ट 64.93 फीसदी रहा. वहीं निजी स्कूलों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में 4.62 फीसदी कम रहा.



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