मध्य प्रदेश

MP Weather Update : सूखे के हालात के बीच मौसम विभाग ने जगायी उम्मीद, आज इन ज़िलों में भारी बारिश की संभावना

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब मध्यप्रदेश में दिखाई दे सकता है

पूर्वी मध्य प्रदेश (mp) के 20 में से 10 जिले ऐसे हैं जहां सूखे के हालात हैं. सामान्य से कम बारिश (rain) होने के कारण किसान फसलों के बर्बाद होने के डर से परेशान हैं. धान की फसलें सूख रही हैं,वहीं सोयाबीन की फसलें भी बर्बाद होने के कगार पर हैं.

भोपाल. बारिश के इंतज़ार के बीच मौसम विभाग फिर उम्मीद जगा रहा है. उसका पूर्वानुमान है कि प्रदेश के 3 ज़िलों में आज भारी और 20 ज़िलों में बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में इस बार मॉनसून (monsoon) के हालात ख़राब हैं. बादल तो छा रहे हैं लेकिन बरस नहीं रहे. प्रदेश के 22 ज़िले ऐसे हैं जहां अब तक अब तक सामान्य बारिश भी नहीं हो पायी है. सूखे के इन हालातों के बीच धान और सोयाबीन की फसल बर्बाद होने के कगार पर हैं.

मध्य प्रदेश में अगस्त महीने की शुरुआत बारिश से हुई है.लेकिन अब तक सूखा खत्म नहीं हुआ है. अब तक लोगों को झमाझम बारिश की झड़ी का इंतजार है.मॉनसून की बेरुखी ने आम लोगों के साथ किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं. बारिश ना होने से फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं.प्रदेश भर में 22 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से कम बारिश हुई है.

नमी ने राहत दी लेकिन मॉनसून मेहरबान नहीं
मौसम विभाग का कहना है हवाएं चलने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है लेकिन बादलों में नमी ना होने से तेज बारिश नहीं हो पा रही है.हालांकि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब मध्यप्रदेश में दिखाई दे सकता है.मौसम विभाग ने 3 जिलों में भारी बारिश और 20 जिलों में बारिश की संभावना जताई है.कटनी,जबलपुर नरसिंहपुर जिले में भारी बारिश हो सकती है. तो वहीं शहडोल, अनूपपुर उमरिया,सिवनी बालाघाट, दमोह सागर,विदिशा, रायसेन,सीहोर होशंगाबाद,बैतूल, हरदा, खंडवा, गुना शिवपुरी, ग्वालियर,भिंड,मंडला, श्योपुर में तेज बारिश होने के आसार हैं..22 जिलों में सामान्य से कम बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी से बारिश का ग्राफ लगातार नीचे जा रहा है.जून में तय कोटे से ज्यादा बारिश दर्ज हुई थी. लेकिन उसके बाद जुलाई और अगस्त महीने में सामान्य बारिश भी नहीं हुई. बारिश के कोटे में लगातार गिरावट हो रही है.मध्यप्रदेश में इस साल इन दो महीनों में सामान्य से 13 फ़ीसदी कम पानी बरसा है. 22 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है. इन ज़िलों में 19 से लेकर 40% तक कम बारिश दर्ज की गई है.

फसल खराब होने से किसान चिंतित
मध्यप्रदेश में अब तक पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे कम बारिश हुई. यहां पर सामान्य से 16 फ़ीसदी कम बारिश हुई है.पूर्वी मध्य प्रदेश के 20 में से 10 जिले ऐसे हैं जहां सूखे के हालात हैं. सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान फसलों के बर्बाद होने के डर से परेशान हैं. धान की फसलें सूख रही हैं,वहीं सोयाबीन की फसलें भी बर्बाद होने के कगार पर हैं.




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