मध्य प्रदेश

MP Board MPBOSE 12th Result 2020: मध्यप्रदेश बोर्ड 12वीं के रिजल्ट से जुड़ी 10 खास बातें, जरूर जानिए

एमपी बोर्ड की 12वीं के नतीजों के बाद उन विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी जो एग्जाम नहीं दे सके हैं.

एमपी बोर्ड 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद, छात्र आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE), एमपी बोर्ड कक्षा 12 वीं का परिणाम 27 जुलाई को दोपहर 03 बजे घोषित करेगा. 12वीं का रिजल्ट लॉकडाउन के बीच जारी होगा. प्रदेशभर के 8:30 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे. ये जुलाई के तीसरे हफ्ते में जारी होना था. एमपी बोर्ड 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद, छात्र आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे. जानिए एमपी बोर्ड की कक्षा 12वी से जुड़ी खास बातें.

ऐसे करें चेक MP Board MPBOSE 12th Result 2020
-mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर जाएं.
-होम पेज पर ‘MP Board Class 12 Examination 2020’ लिंक पर क्लिक करें.-एडमिट कार्ड पर दी डिटेल एंटर कर सबमिट करें.
-MP 12th result 2020 स्क्रीन पर होगा.

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एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षाएं दो चरणों में हुई. 12वीं की परीक्षा पहले 2 मार्च से शुरू हुई थी, 19 मार्च तक पेपर हो सके थे. लॉकडाउन के चलते 21 मार्च से परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी.

एमपी बोर्ड के कक्षा बारहवीं के छात्रों को जनरल प्रमोशन ना देने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा की थी कि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 9 जून से आयोजित होकर 16 जून तक चलेंगी.

एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा में इस बार 2 पारियों में आयोजित की गई. सुबह 9:00 बजे और दोपहर 2:00 बजे से. दिव्यांग छात्रों की परीक्षाएं एक ही पाली में दोपहर 2:00 बजे से आयोजित की गई.

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आयोजित हुई कक्षा 12वीं की परीक्षाएं. सुरक्षा के मद्देनजर एक कक्षा में केवल 8 छात्रों को बैठा कर ली गई परीक्षा. अमूमन एक क्लास में 20 से 25 स्टूडेंट्स ने बैठ कर दी परीक्षा.

सर्दी खांसी बुखार वाले छात्रों के लिए हर परीक्षा केंद्र पर अलग से बनाए गए थे आइसोलेशन कक्ष. आइसोलेशन कक्ष में बुखार वाले परीक्षार्थियों ने अलग बैठ कर दी परीक्षा.

यदि किसी छात्र के परिवार में कोई सदस्य कोर्णाक हॉस्पिटल या फिर परिवार का कोई सदस्य क्वॉरेंटाइन है तो ऐसे छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई थी. ऐसे छात्रों के लिए अलग से एमपी बोर्ड ने परीक्षा आयोजित कराने की बात कही है.

एमपी बोर्ड ने 9 जून से शुरू हुए, दूसरे चरण में परीक्षार्थियों को मुख्य परीक्षा केंद्र को छोड़कर दूसरे जिलों में बने परीक्षा केंद्र से ही परीक्षा देने की दी थी सुविधा. ऐसा पहली बार हुआ कि दूसरे जिलों में बने परीक्षा केंद्रों से छात्रों ने परीक्षा दी. लॉक डाउन के चलती मक्के जिले को छोड़कर दूसरे जिलों में से छात्रों के लिए एमपी बोर्ड ने दी थी सुविधा.

दूसरे राज्यों के और सीबीएसई बोर्ड के 12वी के छात्रों को जनरल प्रमोशन देने के बाद भी मध्यप्रदेश में छात्रों को नहीं दिया गया जनरल प्रमोशन. कोरोना महामारी के बीच भी छात्रों की ली गई स्थगित पेपर की परीक्षाएं. छात्रों और एजुकेशन एक्सपर्ट्स से राय मशविरा करने के बाद कक्षा बारहवीं के स्थगित पेपर लिए जाने का हुआ था फैसला.

पहली बार हुआ जब कक्षा दसवीं का रिजल्ट पहले घोषित हुआ. कक्षा 12वीं का रिजल्ट बाद में किया जा रहा घोषित. पहली बार दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट अलग-अलग घोषित किया गया. पहली बार है, जब टॉपर छात्रों को नहीं बुलाया जा रहा. अब तक सीएम हाउस में घोषित किया जाता था रिजल्ट. टॉपर स्टूडेंट के साथ ही अभिभावकों को भी दिया जाता था न्योता.

कक्षा बारहवीं के फेल होने वाले छात्रों को दिया जाएगा ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत एक और मौका. फेल होने वाले स्टूडेंट ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत परीक्षा देकर बचा सकेंगे अपना साल.




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