मध्य प्रदेश

MP के बासमती राइस को GI टैग देने पर पंजाब को एतराज़, BJP ने पूछा कांग्रेस बताए वो किसके साथ?

हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एमपी के बासमती को GI टैग देने का विरोध कर रहे हैं.

पंजाब (punjab) के सीएम अमरिंदर सिंह ने केंद्र को पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने एमपी के बासमती राइस को जीआई टैग (GI TAG) देने का विरोध किया गया था. उन्होंने पत्र में लिखा था कि इससे देश के किसानों का नुकसान और पाकिस्तान को फायदा होगा.

भोपाल.मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के बासमती चावल (basmati rice) को जीआई टैग (GI) देने की प्रक्रिया पर पंजाब (PUNJAB) के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की आपत्ति के पर प्रदेश सरकार ने गहरी नाराज़गी जताई है.सीएम शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल अपनी आपत्ति दर्ज करा दी. बीजेपी ने कांग्रेस को ललकारा की वो इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे. इस पर कांग्रेस ने पूछा कि बीजेपी सिर्फ पंजाब का नाम क्यों ले रही है, जबकि आपत्ति तो बीजेपी शासित हरियाणा और हिमाचल सहित 7 राज्यों को भी है.

मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग देने की प्रक्रिया चल रही है. इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की एतराज़ है. उन्होंने मध्य प्रदेश के बासमती चावल की जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैगिंग देने पर नाराजगी जताई है. बुधवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की. ये खबर मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार फौरन सक्रिय हो गयी. पंजाब सरकार के अड़ंगा लगाने की कोशिश पर एमपी सरकार ने नाराज़गी जताई है.

पंजाब की निंदा
एमपी सरकार ने पंजाब सरकार के दावे पर आपत्ति जताई और पीएम मोदी को पंजाब सरकार के खत लिखने की निंदा की. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर अपनी नाराज़गी जाहिर की. उन्होंने लिखा मध्यप्रदेश के बासमती को GI दर्जा देने के लिए रजिस्ट्रार ज्योलॉजिकल इंडीकेशन, चेन्नई ने APEDA को आदेश दिया है. प्रदेश में बासमती की खेती परम्परागत रूप से होने के संबंध में IIRR हैदराबाद और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं ने प्रतिवेदन दिया है. मैं एमपी के किसानों को उनका हक दिलवाकर ही चैन लूंगा.

GI टैग दिलवाकर रहेंगे
मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने बासमती का जीआई टैग MP को देने का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा- यह मप्र का अधिकार है और मप्र को जीआई टैग दिलाकर रहेंगे. इस मामले को लेकर विगत मई माह में सुप्रीम कोर्ट में भी मप्र सरकार की अपील स्वीकार हो गयी है.

कमलनाथ करें बात

नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा -एमपी के 13 ज़िलों में बासमती चावल का उत्पादन हो रहा है. यहां होने वाला बासमती चावल देश में पहले स्थान पर है. भूपेंद्र सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला बोला कि अगर वो किसानों का हित चाहते हैं तो कांग्रेस को इस मुद्दे पर एमपी के किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए.कमलनाथ को पंजाब के मुख्यमंत्री से बात कर कहना चाहिए कि वो अपने राज्य का अच्छा करें लेकिन दूसरे राज्य के किसानों का विरोध न करें.

कांग्रेस अपना स्टैंड साफ करे
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि इस मसले पर कांग्रेस और कमलनाथ अपनी स्थिति स्पष्ट करें. बासमती चावल के GI टैग पर उनका क्या स्टैंड है ये बताएं. कांग्रेस एमपी के किसानों के साथ खड़ी है या नहीं ?

कांग्रेस का जवाबी हमला
बीजेपी के हमले का कांग्रेस ने जवाब दिया. कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता का बयान आया कि प्रदेश के किसानों को सरकार गुमराह कर रही है.आधे से ज्यादा बीजेपी शासित राज्य इसका विरोध कर रहे हैं.उन्होंने उन राज्यों का नाम लेते हुए कहा-हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एमपी के बासमती को GI टैग देने का विरोध कर रहे हैं. पंजाब में क्योंकि कांग्रेस की सरकार है इसलिए बीजेपी सिर्फ पंजाब का जिक्र कर सियासी फायदा लेने की कोशिश में है. सरकार को पूरे मामले में कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए.




Source link

Tags

Related Articles

Back to top button
Close