मध्य प्रदेश

Honey Trap: रिटायरमेंट से पहले SIT चीफ के लिफाफे में बंद 40 ‘शौकीनों’ की कुंडली

पुलिस मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक में इन नामों की चर्चा हो रही है.

लिफाफे में बंद नामों में एक पूर्व मंत्री (Ex Minister), कई बड़े अफसर, दो रिटायर्ड एडीशनल चीफ सेक्रेट्री (ACS) सहित कई मौजूदा अफसर भी शामिल हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बहुचर्चित हनी ट्रैप (Honey Trap) केस की जांच कर रही एसआईटी के मौजूदा चीफ राजेन्द्र कुमार इसी महीने की 31 तारीख को रिटायर हो रहे हैं. जाते-जाते वह एक बंद लिफाफा हाईकोर्ट को सौंप गए हैं. इसमें रसूखदार उन 40 ‘शौकीनों’ के नाम हैं, जिनके तार  हनीट्रैप से जुड़े हैं. इनमें एक पूर्व मंत्री सहित कई बड़े अफसर, दो रिटायर्ड एडीशनल चीफ सेक्रेट्री और कई मौजूदा अफसर शामिल हैं.

प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनीट्रैप केस की जांच कर रही SIT चीफ बदले जाएंगे. वैसे तो राजेंद्र कुमार 31 को रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में उन्हें एक्सटेंशन दिया जाए या नहीं ये हाईकोर्ट तय करेगा. रिटायरमेंट से पहले चर्चा उस लिफाफे की है जो उन्होंने कोर्ट को सौंपा है. जिसमें 40 रसूखदारों की कुंडली बंद है. इसमें कई राजनेता, आईएएस और आईपीएस अफसरों के नाम बताए जा रहे हैं.

बंद लिफाफे में वो 40 नाम
चार दिन पहले ही एसआईटी चीफ राजेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट को बंद लिफाफे में करीब 40 आरोपियों के नाम सौंपे थे. इसके बाद मध्य प्रदेश की सियासत में सरगर्मी तेज है. पुलिस मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक में इन नामों की चर्चा हो रही है. सूत्रों ने बताया कि इन नामों में कई राजनेता और आईएएस और आईपीएस अफसर शामिल हैं.पूर्व मंत्री के नाम की चर्चा

लिफाफे में बंद नामों में एक पूर्व मंत्री के नाम की भी चर्चा हो रही है. वहीं, कई रिटायर्ड अधिकारी और मौजूदा आईएएस-आईपीएस अफसरों के नाम भी सामने आ सकते हैं. अब यह हाईकोर्ट तय करेगा कि इन नामों को लेकर आगे किस तरीके की कार्रवाई या फिर जांच की जानी है. बताया जा रहा है कि यदि इन नामों की जांच की जाती है तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. इनमें प्रदेश के कई बड़े अफसर, दो रिटायर्ड एडीशनल चीफ सेक्रेट्री सहित कई मौजूदा अफसर भी शामिल हैं.

दौड़ में हैं ये अफसर
हनीट्रैप की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. कई चीफ बदलने के बाद राजेंद्र कुमार को ये ज़िम्मेदारी सौंपी गयी थी. वो 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में हाईकोर्ट तय करेगा कि अगला SIT चीफ कौन होगा. इस पद की दौड़ में एसआईटी के सदस्य एडीजी मिलिंद का कानस्कर और स्पेशल डीजी अरुणा मोहन राव का नाम शामिल है. राव एसआईटी की सदस्य नहीं हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि सरकार इनके नाम की सिफारिश हाईकोर्ट में कर सकती है.

ये है पूरा मामला…

हनीट्रैप खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय ने सबसे पहले एसआईटी का गठन किया था. लेकिन, 24 घंटे के अंदर ही एसआईटी चीफ आईजी डी श्रीनिवास वर्मा को हटाया गया और एडीजी संजीव शमी को कमान सौंपी गई. संजीव शमी के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ पाती उससे पहले ही सरकार ने राजेंद्र कुमार को एसआईटी चीफ बना दिया. राजेंद्र कुमार की टीम में एडीजी मिलिंद कानस्कर, तत्कालीन डीआईजी इंदौर रुचि वर्धन मिश्रा शामिल थीं. बार-बार एसआईटी चीफ बदले जाने पर हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे कि कोर्ट की अनुमति के बिना एसआईटी में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा.




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