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सुशांत की जान को खतरा होने के बारे में पहले ही मुंबई पुलिस को बता दिया था: पिता

Image Source : INSTAGRAM/SUSHANT SINGH RAJPUT
सुशांत की जान को खतरा होने के बारे में पहले ही मुंबई पुलिस को बता दिया था: पिता

मुंबई/पटना. मुंबई पुलिस के प्रमुख परमबीर सिंह ने सोमवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत के समय बाइपोलर बीमारी से ग्रस्त थे। उधर, इस मामले की गूंज बिहार के विधानमंडल में सुनाई पड़ी और राज्य के विभिन्न दलों के नेताओं ने अभिनेता की मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। बाइपोलर एक मानसिक स्थिति है जिसमें मनोस्थिति काफी तेजी से बदलती है।

इस बीच, राजपूत के पिता ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे की जान को खतरे के बारे में फरवरी में ही मुंबई पुलिस को बता दिया था, लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और जून में राजपूत की मौत के अगले दिन जिन लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी, उसपर भी कोई कार्रवाई नहीं की।

सुशांत के पिता बोले- शिकायत के बाद नहीं हुई कोई कार्रवाई

सिंह ने वीडियो बयान में कहा, ”मैंने फरवरी में ही मुंबई पुलिस को बता दिया था कि मेरे बेटे सुशांत की जान को खतरा है, लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 14 जून को जब मेरे बेटे की मौत हुई, तो मैंने उनसे नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया, लेकिन 40 दिन बाद भी इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा तो मैंने यहां पटना में एक थाने में शिकायत दर्ज कराई।”

प्रथृक-वास में बिहार का IPS अधिकारी
वहीं, मामले की एसआईटी जांच के लिए रविवार को मुंबई पहुंचे बिहार के एक आईपीएस अधिकारी को महानगर में पृथक-वास में भेज दिया गया जिसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘‘अनुपयुक्त और जबरन’’ बताया। यह मुद्दा बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में गूंजा जहां नेताओं ने पटना में जन्मे 34 वर्षीय अभिनेता के मौत की सीबीआई जांच की मांग की। मामले की मुंबई और पटना पुलिस जांच कर रही है।

सुशांत को बाइपोलर बीमारी थी -परमबीर सिंह
मुंबई पुलिस के आयुक्त परमबीर सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पता चला कि अभिनेता को बाइपोलर बीमारी थी और उनका उपचार चल रहा था तथा वह इसकी दवा ले रहे थे। किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई, यह हमारे लिए जांच का विषय है।’’ सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि मुंबई पुलिस की जांच में किसी भी नेता का नाम सामने नहीं आया है। सिंह ने कहा कि बिहार की पुलिस टीम के साथ सहयोग नहीं करने का सवाल ही नहीं है। बिहार पुलिस की एक टीम सुशांत सिंह राजपूत मामले में जांच के लिए महानगर आई हुई है।

अधिकारी को ‘‘जबरन’’ पृथक-वास में भेजना गलत- नीतीश कुमार
उन्होंने कहा कि इस मामले में मुंबई पुलिस कानूनी सलाह ले रही है। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रविवार को दावा किया कि पटना के आईपीएस विनय तिवारी बॉलीवुड अभिनेता की मौत की जांच के सिलसिले में मुंबई गए थे जहां महानगर के नगर निकाय अधिकारियों ने उन्हें ‘‘जबर्दस्ती पृथक-वास’’ में भेज दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि अधिकारी को ‘‘जबरन’’ पृथक-वास में भेजना गलत है। नीतीश कुमार ने पटना में संवाददाताओं से कहा, ‘‘उनके साथ जो भी हुआ है, वह अनुचित है।’’

नीतीश ने उद्धव ठाकरे के बारे में कुछ कहने से किया इंकार
उन्होंने यह भी कहा कि यह विषय राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने महाराष्ट्र के अधिकारियों के समक्ष उठाया है। कुमार ने कहा, ‘‘वह (पांडेय) खुद संबद्ध अधिकारियों से बात करेंगे। ’’ यह पूछे जाने पर कि क्या इस विषय को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बारे में वह कुछ कहना चाहेंगे, कुमार ने कहा, ‘‘यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह बिहार पुलिस के एक कानूनी दायित्व का विषय है। हम इसे पूरा करने की हरसंभव कोशिश करेंगे।’’

भाजपा विधायक ने की सीबीआई जांच की मां
हालांकि, वह सुशांत की मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश के बारे में सवालों को टाल गये। बिहार विधानसभा में सोमवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने सबसे पहले यह मांग की। बबलू दिवंगत अभिनेता के रिश्तेदार भी हैं। उन्होंने यह मांग उस समय की, जब सदन द्वारा 12 विधेयक पारित किए जाने के बाद अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सदस्यों को इस विषय पर बोलने की अनुमति दी। विधानसभा का मानसून सत्र एक दिन के लिए आहूत किया गया है।

तेजस्वी यादव ने किया सीबीआई जांच का समर्थन
बबलू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के माध्यम से राज्य सरकार से अनुरोध किया कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र सरकार बिहार पुलिस के रास्ते में अड़चनें खड़ी करने की कोशिश कर रही है और उसे मामले की सही तरीके से जांच करने से रोक रही है।’’ बबलू की पत्नी और भाजपा विधान पार्षद नूतन सिंह ने विधान परिषद में यह मुद्दा उठाया।

भाजपा विधायक ने रविवार को पटना से मुंबई पहुंचे एक आईपीएस अधिकारी को ‘‘जबरन पृथकवास’’ में भेजे जाने को रेखांकित किया। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने यह मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग का समर्थन किया और जोर दिया कि राजद पहली पार्टी थी, जिसने ऐसी मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुशांत राजपूत की मौत के तुरंत बाद सीबीआई को पत्र लिखा था और यह भी अनुरोध किया था कि राजगीर में प्रस्तावित फिल्म सिटी का नाम दिवंगत अभिनेता के नाम पर रखा जाए।’’

बिहार कांग्रेस भी सीबीआई जांच के पक्ष में
कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने सुझाव दिया कि अभिनेता की मौत की सीबीआई से जांच की मांग के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित किया जाए। वह सदन के पूर्व अध्यक्ष भी हैं। रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा के विधायक राजू तिवारी और कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह सहित अन्य विधायकों ने भी मामले की सीबीआई से जांच कराने का समर्थन किया।

मुंबई पुलिस ने 56 लोगों के बयान दर्ज किए
मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने कहा कि मामले में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज करने के बाद जांच चल रही है और मुंबई पुलिस ने अभी तक 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि सुशांत की बहन के भी बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की आठ जून को हुई मौत से उन्हें जोड़े जाने के कारण अभिनेता दुखी थे।

अभी तक जांच में किसी नेता का नाम नहीं आया
महाराष्ट्र के एक प्रमुख युवा नेता के नाम का सोशल मीडिया पर जिक्र किए जाने के बारे में पूछने पर सिंह ने कहा, ‘‘अभी तक की जांच में किसी नेता का नाम नहीं आया है। किसी भी पार्टी के किसी भी नेता के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बिहार पुलिस की प्राथमिकी में कहा गया है कि सुशांत के खाते से 15 करोड़ रुपये निकाले गए। जांच के दौरान हमने पाया कि उनके खाते में 18 करोड़ रुपये थे, जिनमें से साढ़े चार करोड़ रुपये अब भी हैं।’’

उन्होंने कहा कि सुशांत की पूर्व महिला मित्र रिया चक्रवर्ती के खाते में सीधे धन अंतरण की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जांच के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों और चिकित्सकों से परामर्श किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनके घर के 13 और 14 जून के सीसीटीवी फुटेज हासिल किए हैं लेकिन वहां पार्टी होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सुशांत के पिता, बहन और बहनोई के बयान 16 जून को दर्ज किए गए। उस वक्त उन्होंने न तो कोई संदेह जताया, न ही हमारी जांच में किसी तरह की खामी की शिकायत की।’’ पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘हर बिंदु से जांच की जा रही है, चाहे पेशेवर प्रतिद्वंद्विता हो, वित्तीय लेन-देन हो या स्वास्थ्य का पहलू हो।’’ 

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