मध्य प्रदेश

सायबर ठगों के निशाने पर MP के रिटायर्ड अधिकारी- कर्मचारी, झारखंड से चल रहा है रैकेट

लॉकडाउन-अनलॉक में सक्रिय हुए सायबर अपराधी(सांकेतिक तस्वीर)

सायबर सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस (police) के पास ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. शिकायतें बढ़ने पर संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा ने भी अलर्ट (alert) जारी किया है.

भोपाल.सायबर ठग (syber thug) अब पेंशनर्स को ठग रहे हैं. भोपाल सायबर क्राइम पुलिस (crime police) ने ऐसे ही तीन ठगों को भोपाल में गिरफ्तार किया है. ये एक अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य हैं. इनका सरगना झारखंड में बैठकर वहां से गिरोह चला रहा है. पेंशनर्स की लगातार शिकायत मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और फिर इन ठगों का पता चला.

सायबर ठगों ने आम जनता के बाद अब उन रिटायर्ड अधिकारी कर्मचारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है जो अपना अधिकांश समय घर में बिताते हैं. ठग गिरोह ऐसे अधिकारी कर्मचारियों को फोन कर पेंशनर अकाउंट और एम्पलाई डाटा अपडेट करने के नाम पर उनकी पर्सनल जानकारी हासिल कर लेते हैं. सायबर सेल क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के पास ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. शिकायतें बढ़ने पर संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा ने भी अलर्ट जारी किया है.

डाटा अपडेट करने का झांसा
संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा के अनुसार पेंशनर के डाटा अपडेट करने का काम संबंधित बैंक का रहता है. लेकिन रिटायर्ड अधिकारी कर्मचारियों के पास अज्ञात व्यक्ति फोन लगाकर उनके अकाउंट और उनकी पर्सनल जानकारी हासिल कर रहे हैं. संचालनालय ने कहा है कि यदि डाटा अपडेट के नाम पर कोई अज्ञात व्यक्ति जानकारी मांग रहा है तो उसकी शिकायत पुलिस थाने में करें. संचालनालय में लगातार रिटायर्ड अधिकारी कर्मचारी फोन करके इन अज्ञात लोगों की शिकायत कर रहे हैं. वो बताते हैं कि उनके पास डाटा अपडेट करने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं. यह साइबर डाटा अपडेट के नाम पर अधिकारी कर्मचारियों की पर्सनल जानकारी हासिल कर लेता है और इसके बाद ऑनलाइन अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लेता है.झारखंड में बैठकर भोपाल में ठगा

भोपाल पुलिस को साइबर ठगों के एक गैंग के बारे में पता चला है. यह गैंग झारखंड में बैठकर भोपाल के साथ प्रदेश भर के लोगों को ठग रहा है. इस वारदात में भोपाल के तीन युवक शामिल हैं. पिपलानी पुलिस ने छतरपुर से स्थानीय पुलिस की मदद से तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया है. उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने बताया कि छतरपुर निवासी रिटायर्ड एसआई अशोक कुमार सक्सेना के साथ जालसाज ने धोखाधड़ी की थी. उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी. तीनों आरोपी भोपाल में बैठकर झारखंड में बैठे सरगना के लिए काम कर रहे थे.

बैंक अधिकारी बनकर ठगते हैं
आरोपी बैंक अधिकारी बनकर खाताधारकों से एटीएम कार्ड की डिटेल और ओटीपी नंबर हासिल कर लेते थे. उसके बाद अकाउंट से पैसे निकालकर रफूचक्कर हो जाते थे. पिपलानी पुलिस भी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर शहर में हुई साइबर ठगी की वारदातों के बारे में पता लगा रही है. रिटायर्ड एसआई अशोक कुमार सक्सेना के अकाउंट से भी आरोपियों ने तीन लाख रुपए निकाल लिए थे.




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