मध्य प्रदेश

सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया में अंतर- शशि थरूर

ज्योतिरादित्य और पायलट के बागी तेवर ने कांग्रेस को संकट में डाल दिया.

कांग्रेस (Congress) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) की वापसी पर नेता शशि थरूर (Sashi Tharoor) ने खुशी जाहिर की है. करीब 3 हफ्ते तक चले इस सियासी ड्रामे के बाद पायलट कांग्रेस में लौटे.

नई दिल्ली. कांग्रेस में ओल्ड बनाम न्यू गार्ड्स (Congress) के बीच की लड़ाई कोई नई बात नहीं है. इस साल पार्टी को दो बड़े झटके लगे. इस साल मार्च में जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया वहीं जुलाई के दूसरे-तीसरे हफ्ते से पार्टी की राजस्थान इकाई में भी दरार पड़ी और डिप्टी सीएम और स्टेट प्रेसिडेंट रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) के तेवर बागी हो गए. 18-20 विधायकों के साथ उन्होंने कांग्रेस की सरकार को चुनौती दी और बात अदालत तक पहुंच गई. हालांकि करीब 3 हफ्ते तक चले इस सियासी ड्रामे के बाद पायलट कांग्रेस में लौट आए.

कांग्रेस में पायलट के वापसी पर नेता शशि थरूर (Sashi Tharoor) ने खुशी जाहिर की है. CNN-News18 की पत्रकार पल्लवी घोष को दिए इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि ‘पायलट और सिंधिया के मामले अलग-अलग हैं.’ तिरुवनंतपुरम सांसद से सवाल किया गया था कि ‘कांग्रेस में सचिन पायलट की वापसी की पहल राहुल गांधी ने की थी … क्या उन्हें दूसरों को वापस लेने की कोशिश करनी चाहिए?’ इसके जवाब में उन्होंने  कहा, ‘देखिए मैंने अक्सर मीडिया को इसलिए आलोचना की है कि वे व्यक्तिगत मामलों को बहुत आसानी से सामान्य बना देता है. हर शख्स जो महसूस करता है वह उसका अपना ईशू है. राज्य वार परिस्थितियों और उसका सामना करने में की रणनीति को राजनीतिक टिप्पणीकारों ने महामारी का स्वरूप दे दिया.’

थरूर ने कहा कि ‘मुझे लगता है कि प्रत्येक मामला अलग है. सिंधिया पर जो लागू होता है, वह सचिन पर लागू नहीं होता. मुझे उनकी नाराजगी पर पछतावा हुआ क्योंकि मैं उसे हमारी सबसे अच्छे और बेहतर भविष्य के तौर पर देखता हूं. मुझे खुशी है कि उन्होंने पार्टी में बने रहने और बेहतर भारत के लिए हमारे साथ लड़ने का विकल्प चुना है.’




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