मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव कब होंगे तय नहीं, चुनाव आयोग में आज नहीं हुआ फैसला

एमपी की 27 सीटों पर उपचुनाव होना हैं.

मध्य प्रदेश (mp) में 22 सीटों से ज्योतिरादित्य सिंधिया (scindia) के समर्थकों ने इस्तीफा देकर कमलनाथ की सरकार मार्च में गिरा दी थी. जबकि दो सीटें भाजपा विधायकों के निधन से खाली हुई हैं. हाल ही में कांग्रेस छोड़कर तीन विधायकों प्रद्युम्न सिंह लोधी, सुमित्रा देवी और नारायण पटेल ने इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है.

दिल्ली.मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में खाली हुई 27 विधानसभा सीटों (assembly seats) पर उप चुनाव कब होंगे अभी तय नहीं है. चुनाव आयोग ने अपना फैसला होल्ड पर रखा है. दिल्ली में आज चुनाव आयोग ने विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उप चुनाव कराने के लिए समीक्षा बैठक बुलायी थी. इसमें उप चुनाव कब कराए जाएं, इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने है. इसमें से सिर्फ आगर सीट पर चुनाव आयोग 7 सितंबर तक उप चुनाव टालने फैसला पहले ही ले लिया है. बाकी 26 सीटों के बारे में उप चुनाव कब होंगे यह तय नहीं है.

48 विधानसभा सीटों पर हुई समीक्षा
आज की चुनाव आयोग की बैठक में मध्य प्रदेश की सीटों समेत कुल 48 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव कराने की समीक्षा की गई. साथ ही एक लोकसभा सीट पर भी उप चुनाव कराने आयोग ने समीक्षा की है. आयोग की बैठक करीब दो घंटे चली.बैठक के बाद आयोग ने सिर्फ कहा कि उप चुनाव कब होंगे इसके बारे अभी कोई फैसला नही लिया गया है. सही समय आने पर इसके बारे में भी बता दिया जाएगा.

7 विधानसभा, एक लोकसभा सीट पर टल चुका है उप चुनाव
इससे पहले आयोग मध्य प्रदेश की आगर, असम की शिबसागर, तमिलनाडु की तिरुवोट्टियूर, गुड़ियाट्टम, उत्तर प्रदेश की बुलंदशहर, टूंडला और केरला की चावरा विधानसभा सीट पर 7 सितंबर तक उप चुनाव टालने का फ़ैसला कर चुका है. वहीं, बिहार की वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट पर भी 7 सितंबर तक उप चुनाव टालने का निर्णय चुनाव आयोग ने किया था.

कांग्रेस 25 विधायकों ने इस्तीफा दिया
मध्य प्रदेश में 22 सीटों से ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने इस्तीफा देकर कमलनाथ की सरकार मार्च में गिरा दी थी. जबकि दो सीटें भाजपा विधायकों के निधन से खाली हुई हैं. हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर तीन विधायकों प्रद्युम्न सिंह लोधी, सुमित्रा देवी और नारायण पटेल ने इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है. शिवराजसिंह की राज्य में सरकार बनने के बाद यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है.




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