मध्य प्रदेश

भोपाल के 4 प्राइवेट हॉस्पिटल्स में बनाए गए कोविड सेंटर, यहां पढ़ें पूरी जानकारी

इन प्राइवेट सेंटर में कोई भी मरीज सीधे भर्ती हो सकेगा. उसे इसके लिए जिला प्रशासन को सूचना देनी होगी

एलएन कोविड सेंटर (L N Covid center) में 200 बेड हैं, जबकि पीपुल्स कोविड सेंटर में 300, बंसल में 50 और आरकेडीएफ में 225 बेड (bed) हैं. सरकार ने इलाज का खर्च भी तय कर दिया है.

भोपाल. भोपाल में कोरोना (corona patients) के मरीज़ बढ़ने के बाद अब कोविड सेंटर्स भी बढ़ा दिए हैं. शहर के तीन निजी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल और एक प्राइवेट हॉस्पिटल (private hospitals) को कोविड सेंटर बना दिया है. इनमें से दो में सरकारी खर्च पर इलाज होगा, जबकि दो में मरीज़ को अपना खर्च खुद उठाना होगा. निजी अस्पतालों को कोविड सेंटर बनाने से पहले सरकार निजी और एमपी टूरिज्म की होटलो में क्वारेंटीन सेंटर बना चुकी है.

मध्यप्रदेश में कोरोना तेजी से फैल रहा है. इससे निपटने के लिए सरकार ने कोविड सेंटर की संख्या बढ़ाई है. राजधानी भोपाल में हालात चिंताजनक हैं. यही कारण है कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से 4 नए कोविड सेंटर बनाए गए हैं.सरकार ने भोपाल में चार निजी अस्पतालों को कोविड सेंटर बनाया है. इन अस्पतालों में अब 775 मरीजों का इलाज हो सकेगा. अभी तक कोविड सेंटर की संख्या कम थी. लेकिन अब राजधानी भोपाल में कोविड सेंटर संख्या बढ़ने से बेड की संख्या 1617 से बढ़कर 2392 हो गई है.

इन 4 अस्पताल को मंजूरी
सरकार ने जिन चार अस्पतालों को कोविड सेंटर घोषित किया है, उनमें एलएन मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज, बंसल हॉस्पिटल, आरकेडीएफ कॉलेज के अस्पताल शामिल हैं. इनमें दो कोविड सेंटर में सरकार के खर्चे पर लोगों को इलाज मिल सकेगा. जबकि बंसल और आरकेडीएफ कोविड सेंटर में लोगों को निजी खर्चे से अपना इलाज कराना होगा.

पेड कोविड सेंटर 
एलएन कोविड सेंटर में 200 बेड हैं, जबकि पीपुल्स कोविड सेंटर में 300, बंसल में 50 और आरकेडीएफ में 225 बेड हैं. सरकार ने इलाज का खर्च भी तय कर दिया है. बंसल में 4000 से लेकर 10000 तक इलाज का खर्च आएगा. जबकि आरकेडीएफ सेंटर में 3000 से 15000 तक का खर्च आएगा. इसके अलावा दूसरे खर्च अलग से होंगे. नाश्ता और खाने का खर्चा अलग होगा. जो जांच कराई जाएगी वह भी अलग होगी. इन प्राइवेट सेंटर में कोई भी मरीज सीधे भर्ती हो सकेगा. उसे इसके लिए जिला प्रशासन को सूचना देनी होगी. इसके बाद अस्पताल में जाकर अपना इलाज करा सकेगा.




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