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चीन और रूस के खिलाफ चार देशों के दौरे पर निकले अमेरिकी विदेशमंत्री पोम्पिओ

अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पिओ चार यूरोपीय देशों के दौरे पर निकले हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) मध्य और पूर्वी यूरोप के चार देशों के दौरे पर निकले हैं. पोम्पिओ इस दौरे के दौरान इस क्षेत्र में चीन और रूस (China and Russia) द्वारा खड़ी की गई समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

वाशिंगटन. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) मध्य और पूर्वी यूरोप (Europian Countries) के चार देशों के दौरे पर निकले हैं. इस दौरे की शुरुआत उन्होंने चेक गणराज्य से की है. पोम्पिओ इस दौरे के दौरान इस क्षेत्र में चीन और रूस (China and Russia) द्वारा खड़ी की गई समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे. चुनाव बाद की हिंसा और बेलारूस में हो रहे लोकतांत्रिक पतन से जुड़ी चिंताओं के बीच पोम्पिओ ने अपने इस दौरे के माध्यम से अपने मेजबानों को प्रेरित करने की योजना बनाई है जिससे वे रूस और चीन के इस क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव का मुकाबला कर सकें.

रूस और चीन हो रहे हैं अति सक्रिय

रूस और चीन इस पूरे महाद्वीप में अति सक्रिय हैं और एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकम्युनिकशन्स जैसे क्षेत्रों में बड़ी भूमिकाएं तलाश रहे हैं और अमेरिका इस प्रवृत्ति को उलटने के लिए बहुत उत्सुक है. पोम्पिओ मंगलवार को चेक शहर पिल्सेन से अपनी इस यात्रा का आगाज कर रहे थे, जहां उन्हें अमेरिकी सैनिकों द्वारा पश्चिमी चेकोस्लोवाकिया की मुक्ति के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के पैटन संग्रहालय और स्मारक का दौरा करना था. यहाँ होने वाली बातचीत में पोम्पिओ जर्मनी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को कम करने से जुड़े ट्रम्प प्रशासन के फैसले को लेकर सवालों का सामना करेंगे.

पोम्पिओ अपने दौरे में इनसे मिलेंगेराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हजारों अमेरिकी सैनिकों को जर्मनी के सैन्य ठिकानों से निकाल कर आगे पूर्वी राष्ट्रों में तैनात करना चाहते हैं जिनमें पड़ोसी देश पोलैंड भी शामिल है जो पोम्पिओ के सप्ताह भर के दौरे का आखिरी देश भी है. वियना में पोम्पिओ व्यापार संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा की समीक्षा के लिए ऑस्ट्रियाई चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज़ से मिलेंगे. बुधवार को प्राग में पोम्पिओ चेक के राष्ट्रपति मिलोस ज़मैन और प्रधान मंत्री आंद्रेज बेबीस से मुलाकात करेंगे. विदेश विभाग ने बताया कि इस मुलाक़ात में परमाणु ऊर्जा सहयोग के साथ रूस और साम्यवादी चीन के द्वेषपूर्ण कार्यों का मुकाबला करने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी.

न्यूक्लियर वॉचडॉग से बातचीत करेंगे पोम्पिओ

पोम्पिओ विएना स्थित यूएन न्यूक्लियर वॉचडॉग के प्रमुख के साथ बातचीत करेंगे जोकि एक अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी है और जिस पर यह जिम्मेदारी थी कि वह ईरान द्वारा 2015 के परमाणु समझौते के पालन की निगरानी करे. इस समझौते से अमेरिका ने हाथ खींच लिया था.

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ट्रम्प प्रशासन यूएन सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को ईरान पर काल के लिए सैन्य प्रतिबंध लगाने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है. परमाणु समझौते के तहत यह प्रतिबंध अक्टूबर में समाप्त होने वाला है. पोलैंड के वारसॉ में पोम्पिओ की राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा के साथ बातचीत की भी योजना है.




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