मध्य प्रदेश

कोरोना काल में मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल नियम पालन न करने वाले राज्यों पर लगेगा जुर्माना: NGT

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने कोरोना काल में नियों का पालन नहीं करने वाले राज्यों को सख्त संदेश दिया है

एनजीटी (NGT) ने अपने आदेश में इसका भी जिक्र किया है कि कोरोना काल (Corona Virus) में कोरोना मरीजों के मेडिकल वेस्ट, पीपीई किट के डिस्पोजल में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा. साथ ही 25 प्रतिशत अस्पताल इसको लेकर ज्यादा लापरवाही बरत रहे हैं, जो काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है

जबलपुर. नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने सभी राज्यों की सरकारों के लिए सख्त आदेश देते हुए बायो मेडिकल अपशिष्ट नियम 2016 का पालन कराने के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया है. इस आदेश को अमल में लाने के लिए दो माह का समय दिया है. ऐसे में समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने पर राज्य सरकार को प्रति माह एक करोड़ रुपए का भारी भरकम जुर्माना देना होगा.

एनजीटी ने इस बात का भी जिक्र किया है कि कोरोना काल में कोरोना मरीजों के मेडिकल वेस्ट, पीपीई किट के डिस्पोजल में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा. साथ ही 25 प्रतिशत अस्पताल इसको लेकर ज्यादा लापरवाही बरत रहे हैं, जो काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. जबकि राज्य के मुख्य सचिव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

दो माह मे करना होगा आदेश का पालन

ऐसे में एनजीटी ने अपने सख्त आदेश के साथ राज्य सरकारों को दो माह की मोहलत दी है. लिहाजा आदेश का पालन न होने पर दो महीने बाद उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करेगा.बता दें कि वर्ष 2009 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अस्पतालों से निकलने वाले जहरीले कचरे का विनष्टीकरण ना होने पर नागरिक उपभोक्ता मंच द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए एनजीटी मामला स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया था. ऐसे में सात अगस्त को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसले को रिजर्व किया गया था. जिसके बाद एनजीटी ने नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर की याचिका पर यह आदेश जारी कर उसका पालन कराने का निर्देश जारी किया है.




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