मध्य प्रदेश

आधी रोटी-आधा पेट, कोरोना आपदा में सेवा देने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का ये है हाल..

स्वास्थ्य मिशन में इनकी सेवा के 2 साल बीतने के बाद भी नयी नीति लागू न होने से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश है.

कोविड 19 (covid-19) में ड्यूटी के दौरान 6 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों (health workers) की आकस्मिक मृत्यु हुई है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार की ओर से किसी भी शहीद कोरोना योद्धा के परिवार को 50 लाख रुपए एवं अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई.

भोपाल.कोरोना आपदा (corona) के दौरान जिन हाथों में इलाज की जिम्मेदारी है.वही हाथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए उठे. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आधी रोटी और थाली के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन नियमितीकरण के साथ दूसरी मांगों को लेकर किया गया. कोरोना से दिन रात जंग लड़ रहे प्रदेशभर के 19000 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में संविदा चिकित्सक, नर्स,फार्मासिस्ट,लैबटेक्नीशियन,एएनएम,प्रबन्धनइकाइयां,ऑपरेटर,आयुष,एड्स,टीबी परियोजना के समस्त कर्मचारी शामिल थे. इन सभी ने थाली में आधी रोटी रखकर प्रदर्शन किया. ये कर्मचारी नियमितिकरण की मांग कर रहे हैं. इन्होंने साथ ही सरकार को  5 जून 2018 की सामान्य प्रशासन की संविदा नीति की याद दिलायी. संविदा कर्मचारी समकक्ष पद और  90 प्रतिशत वेतनमान की मांग कर रहे हैं.  स्वास्थ्य मिशन में इनकी सेवा के 2 साल बीतने के बाद भी नयी नीति लागू न होने से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश है.

सरकार ने नहीं की मददसौरभ सिंह चौहान ने बताया कि कोविड 19 में ड्यूटी के दौरान 6 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की आकस्मिक मृत्यु हुई है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार की ओर से किसी भी शहीद कोरोना योद्धा के परिवार को 50 लाख रुपए एवं अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई. मुख्यमंत्री कोविड 19 कल्याण योजना से भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी वंचित हैं. उन्हें 1 10,000 हजार अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई.




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