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अमेरिका में क्या टलेंगे राष्ट्रपति चुनाव, डोनाल्ड ट्रंप ने दिया सुझाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

एरिजोना की एक चुनावी रैली में डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा था कि अगर 2020 चुनाव में ईमेल से वोटिंग की मंजूरी दी जाती है तो जरा सोचिए क्या होगा? ये सभी वोट किसे मिलेंगे. ऐसा हुआ तो यह देश के इतिहास का सबसे भ्रष्ट चुनाव हो सकता है.

वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) को लेकर सुझाव दिया है. उन्होंने गुरुवार को चुनाव को टालने की बात कही है. बिना सबूत के ट्रंप ने मेल-इन वोटर धोखाधड़ी के अपने दावों को दोहराया और कहा कि अमेरिका के लिए यह एक बड़ी शर्मिंदगी की बात होगी क्योंकि साल 2020 का चुनाव भ्रष्ट चुनाव होगा. ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘तब तक चुनाव में देरी की जाए जब तक लोग ठीक से और सुरक्षित रूप से मतदान कर सकेंगे’ इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भी मेल-इन बैलेट (ईमेल या चिट्ठी के जरिए वोटिंग) का विरोध किया था. एरिजोना की एक चुनावी रैली में ट्रम्प ने कहा था- अगर 2020 चुनाव में ईमेल से वोटिंग की मंजूरी दी जाती है तो जरा सोचिए क्या होगा? ये सभी वोट किसे मिलेंगे. ऐसा हुआ तो यह देश के इतिहास का सबसे भ्रष्ट चुनाव हो सकता है. डेमोक्रेट्स धोखाधड़ी करना चाहते हैं.

ट्रम्प ने कहा था कि जब अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध के दौरान चुनाव करा सकता है, तो महामारी के बीच यह क्यों नहीं हो सकते. मेरे हिसाब से ऐसी कोई वजह नहीं है कि हम इस दौर में चुनाव न करा सकें. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी कोरोनावायरस के बहान लोगों को वोटिंग से रोकना चाहते हैं. उन्होंने कहा- डेमोक्रेट्स महामारी की आड़ में लाखों फर्जी मेल इन बैलेट भेजकर चुनाव में धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, हम ऐसा होने नहीं देंगे. हमारे सैनिक या वे लोग जो वोटिंग के लिए नहीं आ सकते, उनके ईमेल के जरिए मतदान करने में कोई हर्ज नहीं है.

ये भी पढ़ें: बुरी खबर! वैज्ञानिकों ने चेताया, गर्भवती Corona संक्रमित महिलाओं को हो सकती है ये परेशानी… पहले भी मेल-इन बैलेट का विरोध
ट्रम्प ने कुछ दिन पहले मेल-इन बैलेट्स को धोखा बताया था. उन्होंने कहा था कि डेमोक्रेट्स 2020 के चुनावों में धोखेबाजी करना चाहते हैं. 22 जून को उन्होंने एक ट्वीट किया था. इसमें कहा था कि दूसरे देशों से लाखों लोग मेल-इन बैलेट भेज देंगे. बता दें कि कोरोनावायरस को देखते हुए अमेरिका के चुनावों में मेल-इन बैलेट की मांग हो रही है. डेमोक्रेटिक पार्टी इसके समर्थन में है. ट्रम्प की रिपब्लिक पार्टी इसका विरोध कर रही है. सबसे पहले 2016 में लगभग एक चौथाई अमेरिकियों ने मेल से वोट डाला था. हाल के दिनों में ट्रम्प, उपराष्ट्रपति माइक पेंस, फर्स्ट लेडी मेलानिया, ट्रम्प की बेटी इवांका, दामाद जेरेड कुश्नर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केयलेग मैकनेनी और अटॉर्नी जनरल भी मेल वोटिंग का इस्तेमाल कर चुके हैं.




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