टेक्नोलॉजी

अब Google ने की चीन पर सख्‍त कार्रवाई, डिलीट किए 2500 से ज्यादा चीनी यूट्यूब चैनल

गूगल ने सख्‍त कार्रवाई करते हुए 2500 से ज्‍यादा चीनी यूट्यूब चैनल्‍स को डिलीट कर दिया है.

चीन के हजारों यूट्यूब चैनल्स (Chinese YouTube Channels) भ्रामक जानकारी फैला रहे थे. इसकी जानकारी मिलने पर गूगल (Google) ने चीन के 2,500 से ज्‍यादा यूट्यूब चैनल्‍स डिलीट कर दिए हैं.

नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) के कारण पूरी दुनिया में चीन (China) के खिलाफ माहौल बना हुआ है. वहीं, लद्दाख में हिंसक झड़प के बाद भारत (​​India) ने चीन के खिलाफ एक के बाद एक सख्‍त कदम उठाने शुरू कर दिए. पहले भारत ने चीन के 59 ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके बाद फिर 47 ऐप्स पर रोक लगा दी. अब गूगल (Google) ने भी चीन के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए तगड़ा झटका दिया है. गूगल ने चीन के 2,500 से ज्यादा यूट्यूब चैनल्स (Chinese YouTube channels) को डिलीट कर दिया है.

चीनी यूट्यूब चैनल्‍स से फैलाई जा रही थी भ्रामक जानकारी
बताया जा रहा है कि इन चीनी यूट्यूब चैनल्स के जरिये भ्रामक जानकारी (Misleading Information) फैलाई जा रही थी. इसकी जानकारी मिलने पर वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म ने इन चीनी यूट्यूब चैनल्‍स को हटा दिया है. गूगल ने बताया कि इन यूट्यूब चैनल्स को अप्रैल और जून के बीच यूट्यूब से हटाया गया है. गूगल का कहना है कि चीन से जुड़े इन्फ्लुएंस ऑपरेशंस (Influence Operations) के लिए चल रही जांच के तहत ऐसा कदम उठाया गया है.

ये भी पढ़ें- रक्षाबंधन के बाद फिर चीन को झटका देगा कैट, 9 अगस्‍त से छेड़ेगा ‘चीन भारत छोड़ो’ अभियानइन चैनल्‍स के कंटेंट में राजनीति से जुड़ी कुछ बातें भी थीं

गूगल ने अपने भ्रामक जानकारी के लिए चलने वाले ऑपरेशन के तिमाही बुलेटन में यह सूचना दी है. इसमें बताया गया है कि यूट्यूब के मुताबिक इन चैनल्स पर आमतौर पर स्पैमी, नॉन-पॉलिटिकल कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था, लेकिन इनमें राजनीति से जुड़ी कुछ बातें (Political Issues) भी थीं. हालांकि, गूगल ने इन चैनलों के नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन कुछ दूसरी सूचनाएं दी हैं. कंपनी ने बताया कि ट्विटर (Twitter) पर भी ऐसी ही ऐक्टिविटी वाले वीडियो के लिंक देखे गए.

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मीडिया एनालिटिक्‍स कंपनी ग्राफिका ने की इनकी पहचान
अप्रैल में डिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन (Disinformation Campaign) में सोशल मीडिया एनालिटिक्स कंपनी ग्राफिका (Social Media Analytics Company Graphika) ने इनकी पहचान की थी. अमेरिका में चीनी दूतावास ने इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है. इससे पहले चीन भ्रामक और गलत जानकारी (Wrong Information) फैलाने से जुड़े सभी आरोपों को सिरे से नकार चुका है.




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